Friday, 8 January 2010

क्या ख़ूबसूरती अभिशाप है ?

ख़ूबसूरती के लिए कसीदे गढ़े जाते हैं. ख़ूबसूरती की तारीफ़ में ज़मीनोंआसमा एक कर दिए जाते हैं. खूबसूरत साथी की तलाश भी हर कोई करता है. एक research से पता चलता है कि छोटे बच्चे खूबसूरत चेहरों को बेहतर response करते हैं. खूबसूरत होना अपने आप में एक गुण माना जाता है. खूबसूरती हर किसी को लुभाती है और अगर आप खूबसूरत हैं तो किस्मत आप पर मेहेरबान है.
पर क्या वाकई खूबसूरती एक वरदान है ? हाल ही में एक टीवी सीरियल देखा उस सीरियल में नायिका बेहद सुन्दर है, बड़ी बड़ी आँखें, गोरा रंग, खूबसूरत नैन नक्श पर वो अपनी सुन्दरता सबसे छुपा कर रखती है. अपने चेहरे पर कालिक लगा कर रखती है. नायिका के घर वाले भी नायिका की सुन्दरता को जग ज़ाहिर नहीं करना चाहते क्यूंकि वो डरते हैं कि अगर उनकी बेटी कि सुन्दरता के बारे में लोगों को पता चलेगा तो ये उनकी इज्ज़त के लिए खतरा है. नायिका की माँ नहीं चाहती कि उसकी बेटी को कोई बुरी नज़र से देखे.

इस कहानी ने ये सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या एक लड़की का खूबसूरत होना उसके लिए इतना बड़ा अभिशाप है.
कुछ साल पहले एक किताब पढ़ी थी. वैशाली कि नगरवधू. उस उपन्यास में भी पिता अपनी बेटी की सुन्दरता जग से छुपाने के लिए नगर से बहुत दूर के इलाके में रहता था.
एक लड़की के लिए सुन्दरता का क्या महत्व है उसके जीवन में सुन्दरता से क्या क्या बदलाव आ सकते हैं. सुन्दर होने से वैसे तो कई काम आसान हो जाते हैं जैसे शादी के समय लड़की आसानी से पसंद आ जाती है, ससुराल वाले रंग रूप को लेकर ताना नहीं देते पर पति के शक की सुई भी तो सुन्दर बीवी के सर पर रहती है. सुन्दर लड़कियों के चरित्र पर अक्सर ही ऊँगली उठाई जाती है. घर की बेटियों को वैसे भी छुपा कर ढांक कर रखा जाता है पर अगर बेटी सुन्दर है तो बड़े भई और बाप कि आँखों में कांटे की तरह चुभती है.

हमारा समाज औरत के सकारात्मक पहलु को भी नकारात्मक दृष्टि से देखता है जैसे एक आदमी की ताक़त उसकी मजबूती है वैसे ही एक औरत की ताक़त उसकी कोमलता है. प्रकृति ने आदमी और औरत को मुख्तलिफ खूबियाँ दी हैं जिसमे आदमी को बल और औरत को ख़ूबसूरती मिली है. पर कुदरत के इस तोहफे को भी औरत के लिए अभिशाप बना दिया गया है.
औरत का अच्छा दिखना उसकी बुराई बन गया है. अक्सर लोग इस बात पर लड़कियों का मज़ाक उड़ाते हैं की वो बेहतर दिखना कहती हैं, खुद को सजाती सवांरती हैं. इस बात को बिलकुल नज़र अंदाज़ कर दिया जाता है कि जैसे आदमी को बलशाली होने का तोहफा कुदरत से मिला है वैसे ही औरत को भी सुन्दरता का हक कुदरत ने ही दिया है.

16 comments:

  1. वाकई खूबसूरत पोस्ट...

    फौज़िया जी,
    जिस देश में शादी के लिए लड़की की खूबसूरती को सबसे पहले देखा जाता हो...जिस देश में फेयर एंड लवली के एड दिखाकर सांवले रंग वालों में कॉम्प्लेक्स भरने की कोशिश की जाती हो, वहां सोचने वालों की मानसिकता पर तरस ही खाया जा सकता है...

    एक शिकायत आपसे ये कि करीब चार महीने के बाद आपकी पोस्ट आई है...दूसरी शिकायत ये कि मैंने दिसंबर में अपनी सौंवी पोस्ट लिखी थी वो आपके नाम ही समर्पित की थी...क्यों की थी...इसलिए कि मेरी पहली पोस्ट पर पहला कमेंट आप ही का आया था...मैं उस पोस्ट का लिंक दे रहा हूं...

    http://deshnama.blogspot.com/2009/12/6-100.html

    मैंने इस पोस्ट के बारे में ई-मेल भी किया था...शायद आपको मिला नहीं होगा...

    जय हिंद...

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  2. आदमी को बलशाली होने का तोहफा कुदरत से मिला है वैसे ही औरत को भी सुन्दरता का हक कुदरत ने ही दिया है.
    सही बात और सुन्दर पोस्ट
    इसी विषय पर एक कहानी पढी थी
    भगवान गरीब को बेटी ना दे और दे तो खूबसूरत बेटी ना दे

    प्रणाम स्वीकार करें

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  3. औरत या लड़की की केवल दो श्रेणियाँ होती हैं। एक ‘खूबसूरत’ और दूसरी ‘बहुत खूबसूरत’। आप जो बता रहे हैं वह सब सभी औरतों के लिए सच होना चाहिए। काश हमारा समाज इस खूबसूरती की इज्जत करना सीख लेता।

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  4. यह तो लोगों की मानसिकता पर ही निर्भर करता है... लोग चाहे तो उन्हें देवी चमत्कार मान सकते हैं वरना पटाखा से लेकर तमाम गली वाले संबोधन... आप नकुषा नमक सिरिअल की बात कर रही हैं.. हमने अपने मोहल्ले में ऐसा देखा है... यह पैसे वालों के लिए एक्स्ट्रा वरदान है...

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  5. इन्ही जंजीरों को तो तोड़ने की चुनौती हमारे आपके सामने है....बहरहाल अच्छा आलेख.

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  6. "सुन्दर लड़कियों के चरित्र पर अक्सर ही ऊँगली उठाई जाती है. घर की बेटियों को वैसे भी छुपा कर ढांक कर रखा जाता है पर अगर बेटी सुन्दर है तो बड़े भई और बाप कि आँखों में कांटे की तरह चुभती है.’

    आपने सही कहा फौजिया....मै आपकी बातों से सहमत है.

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  7. personally speaking I'm against all those who keep beautiful girls under wraps... husn ko niharana, use saraahanaa bahut pur-sukoon hota hai..

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  8. i liked dis d most.......
    wat matters is hw u carry ur beauty...
    m lykin ur blogs fauziya...

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  9. khusdeep jee se puri tarah sahmat hun.. waise meri najar mein khubsurti shareer ki nahi shirat ki honi chahiye...

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  10. सौन्दर्य का जैकारा लगना चाहिये। पर सौन्दर्य स्किन-डीप भर नहीं होता!

    और यह अभिषाप तो कदापि नहीं।

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  11. ji aapne jo bhi likha bilkul sahi , lekin hum sabhi kre ko is bare sochna jaruri hai .

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  12. This comment has been removed by the author.

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  13. खूबसूरती अभिशाप नहीं एक बाहरी गुण है जिससे औरत, लड़की/ पुरुष का एक हिस्सा स्पष्ट नज़र आ जाता है... लेकिन खूबसूरत बात तो यह है कि "ज़रूरी नहीं जो बाहर से खूबसूरत है, ओ अन्दर से भी उतना ही खूबसूरत हो?"

    ज़रा गौर फरमाइए :


    "•тнє яєαℓ вєαυтソ ιѕ тнє вєυтソ σƒ ¢нαяα¢тєя вєℓιєƒ αη∂ ι∂ιαѕ."

    Late Smt. Indira Gandhi




    Ram Krishna Gautam

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  14. ye lo tumhare liye ek tohfa, jo mere liye bhi khaas tha
    http://2.bp.blogspot.com/_NxhMpnpS6Ss/S6FA-xdrrKI/AAAAAAAAIjY/rpdcz7ovwxo/s1600-h/alfaz-blog-print.jpg

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  15. diye gye link ko copy karke kahin dosri tab mein dekh sakti ho.
    ab mat kehna ki main tujhe kabhi rply nhi karta

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  16. आपकी यह पोस्‍ट अच्‍छाई की बुराई शीर्षक से 18 मार्च 2010 के दैनिक जनसत्‍ता में पेज 6 पर समांतर स्‍तंभ में प्रकाशित हुई है, बधाई।

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